फसल नुकसान मुआवजा : किसानों को प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मिलेंगे 10 हजार रुपए

फसल नुकसान मुआवजा : किसानों को प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मिलेंगे 10 हजार रुपए

Published Date - 18 Oct 2021

बाढ़ और बारिश से बेहाल महाराष्ट्र के किसानों के लिए बड़े पैकेज का ऐलान 

महाराष्ट्र में किसानों को बाढ़ और बारिश से काफी नुकसान झेलने को मिला। काफी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई। ना सिर्फ फसलें बल्कि स्टॉक में रखा प्याज भी बारिश की वजह से सड़ा है। जिससे पूरे देश में प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। किसानों को हुए भारी नुकसान को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने मुआवजे का ऐलान कर दिया है। 

महाराष्ट्र की सरकार ने किसानों के लिए 10 हजार करोड़ रुपए के राहत पैकेज का भी ऐलान किया है। किसानों को राहत देने के लिए सरकार का ये बड़ा फैसला हाल ही में लिया गया है। राज्य कैबिनेट की बैठक बुधवार हुई थी जिसमे किसानों के नुकसान को लेकर काफी चर्चा हुई। जून से अक्टूबर तक राज्य में भारी बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात पैदा हुए जिससे किसानों को काफी नुकसान झेलने को मिला। बारिश और बाढ़ की वजह से 55 लाख हेक्टेयर तक के फसलों को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में आवश्यक है कि किसानों को उचित मुआवजा प्रदान करना चाहिए। ताकि आगे उन्हें खेती के लिए पूंजी आदि की दिक्कत का सामना ना करना पड़े।

किन किन फसलों को पहुंचा है नुकसान 

सर्वाधिक नुकसान मराठवाड़ा क्षेत्र मे हुआ है। महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और अन्य कैबिनेट मंत्रियों की बैठक में यह घोषणा हुई कि राज्य के बाढ़ पीड़ितों के लिए 10 हजार करोड़ रुपए प्रदान किए जाएं। गौरतलब है कि पिछले तीन महीने से राज्य में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हुए हैं ऐसे में किसानों के फसलों को बेहद नुकसान पहुंचा है। सोयाबीन, गन्ना, मक्का और कपास के अतिरिक्त कई ऐसे बागवानी फसल भी हैं जिसको नुकसान पहुंचा है। जैसा कि अभी हम प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी देख रहे हैं तो भारी बारिश और बाढ़ की वजह से ही व्यापक पैमाने पर प्याज खराब हो गए हैं जिससे किसानों को नुकसान तो पहुंचा ही, उपभोक्ताओं को भी अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। सरकार इन पीड़ित किसानों के लिए आगे आई है, और 10000 करोड़ रुपए के पैकेज का ऐलान कर किसानों को समुचित मुआवजा देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने इसे प्राकृतिक आपदा कहा है और एनडीआरएफ मानदंडों की प्रतीक्षा के बगैर ही उन्होंने इस पैकेज को घोषित किया है।

कितना मिलेगा मुआवजा?

फसल नुकसान मुआवजा, महाराष्ट्र, बिहार, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, झारखंड, राजस्थान, मध्यप्रदेश, ओडिशा आदि राज्यों में भी दिए जाते हैं। फसलों के भारी नुकसान यदि प्राकृतिक आपदा की वजह से हो तो कई बार सरकार किसानों को मुआवजा प्रदान कर किसानों को आर्थिक मदद देती है।

  • कृषि फसलों जैसे सोयाबीन, मक्का, गन्ना आदि के नुकसान की भरपाई हेतु सरकार द्वारा 10 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर देने का ऐलान किया है।

  • बागवानी फसलों के नुकसान हेतु 15,000/- रुपए प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने की घोषणा की गई है।

  • अधिकतम दो हेक्टेयर तक के लिए सहायता प्रदान की जायेगी।

  • बारहमासी फसलों की क्षतिपूर्ति के लिए भी प्रति हेक्टेयर 25,000/- रुपए देने की घोषणा की गई है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 

किसान अपने फसलों की बीमा भी पीएमएफबीवाई योजना के माध्यम से करवा सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत फसल सुरक्षा कवर मिल जाता है। जब भी किन्हीं प्राकृतिक कारणों से आपकी फसल खराब होती है। आपके नुकसान के हिसाब से इस योजना के अंतर्गत बीमा प्रदान किया जायेगा। इस योजना की खास बात यह है कि इसका प्रीमियम 90% तक केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार ही भरती है। भविष्य में कभी यदि फसलों को नुकसान पहुंचता है तो आप अपनी बीमा क्लेम कर सकते हैं। फसल बीमा का मुआवजा पाने एवं  प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में विस्तृत जानकारी, पात्रता शर्तें, फसल बीमा का मुआवजा लिस्ट, आवश्यक दस्तावेज, ऑफलाइन या ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानने के लिए यहां क्लिक करें - प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

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