इथेनॉल उत्पादन : चावल, मक्का व गन्ना उत्पादक किसानों की आय बढ़ेगी

इथेनॉल उत्पादन : चावल, मक्का व गन्ना उत्पादक किसानों की आय बढ़ेगी

मध्यप्रदेश में इथेनॉल उत्पादन पर सब्सिडी व फ्री बिजली सहित मिलेंगे कई फायदे

मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की सरकार इथेनॉल उत्पादन पर विशेष जोर दे रही है। इथेनॉल उत्पादन से चावल, गन्ना व मक्का किसानों के दिन बदल जाएंगे। किसानों की आय में वृद्धि होगी। अब चावल, मक्का, गन्ना व पराली से इथेनॉल बनेगा और किसानों को पराली नहीं जलानी पड़ेगी। मध्यप्रदेश की राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि इथेनॉल उत्पादन यूनिट अगर राज्य में 100 करोड़ रुपए निवेश करती है तो सरकार की ओर से 7 साल में करीब 60 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। प्रारंभिक चरण में चावल और मक्का से इथेनॉल बनाया जाएगा जो 51 से 54 रुपए प्रति लीटर की दर से पेट्रोलियम कंपनियों को दिया जाएगा। इसमें 1 रुपए 50 पैसे प्रति लीटर के हिसाब से प्रोत्साहन राशि मिलेगी।

2024 तक 60 करोड़ लीटर इथेनॉल उत्पादन का लक्ष्य, ये मिलेंगे फायदें

मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में 2024 तक 60 करोड़ लीटर इथेनॉल का उत्पादन हो। मध्यप्रदेश केबिनेट की बैठक में 13 सितंबर को सरकार ने इथेनॉल उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए कई निर्णय लिए। इनमें इथेनॉल उत्पादन यूनिट पर 100 करोड़ रुपए का निवेश करने पर सरकार की ओर से उद्यमी को 60 करोड़ रुपए की सब्सिडी देने, सात साल तक 1.50 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से प्रोत्साहन देने, मुफ्त बिजली देने, भूमि खरीदी करने पर स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क की 100 प्रतिशत छूट का निर्णय शामिल है।

इथेनॉल उत्पादन से किसानों को ऐसे मिला फायदा

देश में इथेनॉल का उत्पादन मांग के अनुसार बहुत कम है। इथेनॉल का उत्पादन बढ़ाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार योजनाएं बना रही है। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा, बैतूल, दतिया, होशंगाबाद सहित पांच जिलों में एथेनॉल यूनिट लगाने की योजना है। इन यूनिटों में धान, मक्का व गन्ना से एथेनॉल बनाया जाएगा। फैक्ट्रियों से एथेनॉल की खरीद पेट्रोलियम मंत्रालय करेगा। एथेनॉल उद्योग से किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलने के साथ ही धान, गन्ना और मक्का की खेती को बढ़ावा मिलेगा। किसान अच्छी किस्म की फसल को महंगे दामों पर बाजार में बेच सकेंगे। निम्न स्तर की उपज का एथेनॉल यूनिट को सप्लाई कर सकेंगे। इससे किसानों की आय बढ़ेगी। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने एथेनॉल खरीदने के लिए गारंटी देने की योजना बनाई है। इससे फिलहाल गन्ना किसानों को फायदा होगा।

इथेनॉल उत्पादन यूनिट को 5 साल तक मिलेगी मुफ्त बिजली

मध्यप्रदेश में इथेनॉल उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार इथेनॉल उत्पादन यूनिट को 5 साल तक मुफ्त बिजली देगी। सरकार की ओर से जानकारी दी गई है कि उत्पादन शुरू करने के पहले दिन से अगले पांच साल तक बिजली के बिल में 100 फीसदी की छूट दी जाएगी। 

इथेनॉल पॉलिसी : इथेनॉल उत्पादन यूनिट को मिलेंगे अन्य फायदे 

मध्यप्रदेश में इथेनॉल पॉलिसी के तहत इथेनॉल उत्पादन यूनिट को सरकार की ओर से कुछ अन्य फायदे भी दिए जाएंगे। इनमें शामिल हैं :

  • गुणवत्ता प्रमाणन प्रतिपूर्ति गुणवत्ता प्रमाणन लागत का 50 प्रतिशत या 1 लाख रुपए जो भी कम हो, दिया जाएगा।

  • 100 फीसदी पेटेंट शुल्क की प्रतिपूर्ति 5 लाख रुपए तक की सीमा तक की जाएगी।

  • जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सुविधा के लिए इक्विपमेंट पर 50 फीसदी अनुदान, जो 1 करोड़ रुपए की अधिकतम सीमा तक होगा, वो भी दिया जाएगा। 

  • उद्योग के लिए निजी/ आवंटित अविकसित शासकीय भूमि पर पानी/बिजली/सडक़ अधोसंरचना विकास के लिए परियोजना पर हुए व्यय के 50 प्रतिशत, जो प्रत्येक मद के लिए अधिकतम 1 करोड़ रुपए की सीमा तक होगा, की प्रतिपूर्ति की जाएगी।

  • नीति के क्रियान्वयन के लिए नोडल ऐजंसी एमपीआईडीसी, भोपाल (मध्यप्रदेश) होगा।

जानें, क्या है इथेनॉल

इथेनॉल एक तरह का एल्कोहल है जिसे पेट्रोल व डीजल में मिलाकर वाहनों में फ्यूल की तरह उपयोग किया जाता है। पेट्रोल की जलनशीलता को बढ़ाने के लिए उसमें इथेनॉल मिलाया जाता है। हरियाणा, उत्तरप्रदेश सहित कई राज्यों में पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की अनुमति दी गई है। इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल में आक्टेन वैल्यू 2.5 प्रतिशत तथा ऑक्सीजन की क्षमता 3 प्रतिशत बढ़ जाती है। इससे पेट्रोल इंजन में 100 प्रतिशत जलता है तथा वाहन का धुआं कम प्रदूषण करता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने की फसल से होती है लेकिन शर्करा वाली कई अन्य फसलों जैसे गेहूं, जौ, मक्का, ज्वार, चावल, पराली आदि से भी इसे तैयार किया जा सकता है। एथेनॉल में 35 फीसदी ऑक्सीजन होता है। एथेनॉल फ्यूल को इस्तेमाल करने से नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आती है।

ट्रैक्टरफर्स्ट हर माह स्वराज ट्रैक्टर व पॉवर ट्रैक ट्रैक्टर कंपनियों सहित अन्य कंपनियों की मासिक सेल्स रिपोर्ट प्रकाशित करता है। ट्रैक्टर्स सेल्स रिपोर्ट में ट्रैक्टर बिक्री की थोक, खुदरा, राज्यवार, जिलेवार, एचपी के अनुसार जानकारी दी जाती है। साथ ट्रैक्टरफर्स्ट आपको रिपोर्ट की मासिक सदस्यता भी प्रदान करता है। अगर आप मासिक सदस्यता प्राप्त करना चाहते हैं तो हमसे संपर्क करें।

ट्रैक्टर इंडस्ट्री के अपडेट जानने के लिए आप हमारे हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें -  https://bit.ly/3DN8jHq

Website     -   TractorFirst.com
Instagram  -   https://bit.ly/3h0j9jE
LinkedIn    -   https://bit.ly/3BDzORV
FaceBook  -   https://bit.ly/3yF7AnV

Cancel

New Tractors

Implements

Harvesters