किसानों को सिंचाई के लिए मिलेंगे 15 हजार नए ट्यूबवेल

किसानों को सिंचाई के लिए मिलेंगे 15 हजार नए ट्यूबवेल

Published Date - 25 Nov 2021

हरियाणा के किसानों की सिंचाई की समस्या होगी दूर, जानें लाभ लेने की प्रक्रिया

हरियाणा में किसानों को सिंचाई की समस्या को दूर करने के लिए 15 हजार नए ट्यूबवेल कनेक्शन देने की घोषणा की है। ये कनेक्शन जून 2022 तक सभी आवेदनकर्ताओं को दिए जायेंगे। हाई पावर परचेज कमिटी की बैठक में बिजली के नवीन उपकरण की खरीदी को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंजूरी दे दी है। किसानों को खेतों में सिंचाई के लिए अधिक से अधिक बिजली कनेक्शन मिले और खेतों में सोलर पंप इंस्टॉलेशन किए जाएं जिससे उन्हें फसल उत्पादन में कोई समस्या नहीं आए। हरियाणा के बिजली मंत्री रणजीत सिंह कहते हैं, सरकार ने 15 हजार नए ट्यूबवेल के लिए मंजूरी दे दी है।

20 हजार सोलर पंपों को मिली मंजूरी

दो एकड़ से 5 एकड़ तक की खेती के लिए किसान जमकर सोलर पंप योजना के लिए आवेदन कर रहे हैं। किसान 5 एचपी से 10 एचपी पावर के सोलर पंप को अधिक खरीद रहे हैं। किसानों की सुविधा के लिए 20 हजार सोलर पंप को मंजूर किए गए। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत भी किसानों को सोलर पंप की मंजूरी दी गई। 20 हजार मंजूर सोलर पंप में से 6 हजार सोलर पंप लगाए जा चुके हैं। जबकि 14 हजार सोलर पंप जल्द ही इंस्टॉल कर दिए जायेंगे।

क्या है पीएम कुसुम योजना हरियाणा?

पीएम कुसुम योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत सरकार का लक्ष्य है कि 2022 तक किसानों की आय दुगुनी कर दिया जाए। सरकार सोलर पंप से सिंचाई को प्रोत्साहित तो कर ही रही है साथ ही तालाब एवं जल छाजन परियोजनाओं पर भी जोर दे रही है ताकि किसानों को पर्याप्त जल भी मिले और बिना किसी ईंधन के सिंचाई के साधन भी। केंद्र सरकार किसानों को सोलर पंप लेने पर 60% का अनुदान देती है। पीएम कुसुम योजना, राजस्थान, बिहार, झारखंड, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तराखंड, आदि सभी राज्यों चल रही है। 

किन राज्यों में कितना अनुदान?

इसके तहत किसानों को राज्य सरकार के तरफ से भी अतिरिक्त अनुदान मिल रहे हैं। जैसे राजस्थान की बात करें तो यहां 30% का अतिरिक्त अनुदान किसानों को इस योजना के तहत मिलते हैं यानी कुल अनुदान 60%+30% यानी 90% हो जाता है। किसानों को राजस्थान में इस योजना का लाभ लेने के लिए मात्र 10% राशि चुकानी होगी। वहीं झारखंड की बात करें तो यहां 36% अनुदान सोलर पंप पर मिलता है जिससे मात्र 4% की राशि किसानों को चुकानी होती है। इसी तरह अलग अलग राज्यों में अलग अनुदान की व्यवस्था है। हरियाणा की बात करें सोलर पंप की खरीद पर केंद्र सरकार द्वारा 35% और राज्य सरकार द्वारा 40% अनुदान की व्यवस्था है। इस प्रकार कुल 75% का अनुदान हरियाणा के किसानों को मिलता है। मात्र 25% खर्च का वहन ही हरियाणा के किसानों को करना होगा।

सूक्ष्म सिंचाई तकनीक से मिलेगा पानी

हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा, प्रदेश में हर घर में  नल से स्वच्छ जल आयेंगे और हर खेत में सूक्ष्म सिंचाई तकनीक से पानी मिलेगा। किसानों को आश्वासन दिया है कि उन्हें रबी फसलों की बुआई के लिए उन्हें अधिक मुश्किलों का सामना करना नहीं पड़ेगा। टैंकों और तालाबों में पानी का संग्रहण किया जायेगा ताकि जल स्तर को बढ़ाया जा सके। और गर्मियों के समय सूखे के दौर में उसका उपयोग किया जा सके।

नहरों में पानी की पर्याप्त आपूर्ति के दिए गए निर्देश

कृषि विभाग के अधिकारियों को सिंचाई के लिए नहरों में पानी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित हो इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। सिंचाई विभाग की अध्यक्षता करते हुए दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, चरखी दादरी, झज्जर जिला और भिवानी ऊंचाई परियोजनाओं के लिए मोटर और पंपसेट के मरम्मत कार्य में तेजी लाने हेतु निर्देशित किया गया है। गांव में पेय जल की आपूर्ति हो इसका भी ख्याल रखा गया है।

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