कृषि इनपुट अनुदान योजना : किसानों को मिलेंगे प्रति हेक्टेयर 18 हजार रुपए

कृषि इनपुट अनुदान योजना : किसानों को मिलेंगे प्रति हेक्टेयर 18 हजार रुपए

Published Date - 24 Nov 2021

30 नवंबर तक सुबह 7 से शाम 8 बजे के बीच करें आवेदन

कृषि इनपुट यानी कृषि में लागत को देखते हुए बिहार सरकार द्वारा किसानों को कृषि इनपुट अनुदान दिया जाता है। गौरतलब है कि जिस प्रकार पूरे देश में किसानों के लिए खेती संबंधी जरूरत के सामान काफी महंगे हो रहे हैं। किसानों को डीजल काफी महंगा मिल रहा है, बीज महंगा मिल रहा है और खाद उर्वरक के भाव भी आसमान छू रहे हैं। ऐसे में आवश्यक है कि किसानों के लागत को कम किया जाए ताकि वे फसल का उत्पादन करते हुए भी मुनाफा कमा सकें। बिहार में कृषि इनपुट अनुदान योजना के आवेदन की अंतिम तिथि 30 नवंबर निर्धारित की गई है। आज के इस सरकारी योजना में कृषि इनपुट अनुदान योजना के बारे में, आवश्यक दस्तावेज, पात्रता शर्तें, आवेदन प्रक्रिया, योजना के लक्ष्य, योजना के उद्देश्य, योजना के लाभ आदि के बारे में जानेंगे।

क्या है कृषि इनपुट अनुदान योजना?

कृषि इनपुट अनुदान योजना किसानों के लागत की कम करके उन्हें मुनाफा प्रदान करने के लिए बिहार सरकार द्वारा चलाई गई योजना है। इस योजना में किसानों को विभिन्न प्रकार के इनपुट अनुदान जैसे डीजल अनुदान, सिंचाई अनुदान, कृषि यंत्र सब्सिडी या अनुदान, बीज पर अनुदान आदि दिया जाता है। कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत सबसे ज्यादा लाभ छोटे और सीमांत किसानों को प्राप्त हो रहा है। किसान इस योजना के तहत आसानी से कृषि यंत्र भी ले सकते हैं। छोटे किसानों को आसानी से यंत्र उपलब्ध हो इसके लिए सरकार ने यह योजना चला रखी है। 

कृषि इनपुट अनुदान योजना लेटेस्ट अपडेट

इनपुट अनुदान योजना का लेटेस्ट अपडेट यह है कि इसके आवेदन की आखिरी तारीख में बदलाव किया गया है। आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 नवंबर कर दिया गया है। अब जो भी किसान किन्हीं कारणों से योजना में आवेदन नहीं कर पाए वे इस योजना में आवेदन कर सकेंगे। इससे पहले इस योजना के आवेदन की आखिरी तारीख का निर्धारण 25 नवंबर तक के लिए था। आवेदन करने के समय की बात करें तो किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि बिहार के किसान डीबीटी पोर्टल पार सुबह में 7 बजे से लेकर 8 बजे शाम तक आवेदन किया जा सकता है। किसानों के आवेदन की तादाद को देखते हुए सरकार का ये फैसला है अन्यथा यह आवेदन करने की सुविधा सुबह में 9 बजे से 6 बजे शाम तक ही थी। अब समय सीमा बढ़ा देने से अधिक किसान योजना में आवेदन कर सकेंगे। सर्वर लोड को कम किया जा सकेगा।

डीबीटी पोर्टल पर प्रमंडलवार अलग अलग लिंक की व्यवस्था होने से किसानों को आवेदन करने में काफी सुविधा होगी। क्योंकि वेबसाइट पर सर्वर लोड कम रहेगा। बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित 30 जिलों के 11 लाख से भी अधिक किसानों से आवेदन प्राप्त हुए हैं। कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत परती भूमि के कारण हुए नुकसान से प्रभावित 17 जिलों के 93 हजार किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया है।

योजना के लाभ

  • योजना के तहत विभिन्न कृषि इनपुट पर अनुदान दिए जाते हैं जैसे डीजल अनुदान, बीज अनुदान, कृषि यंत्र अनुदान, फसल बीमा अनुदान, फसल सुरक्षा कवर आदि।

  • कृषि विभाग द्वारा असिंचित फसल क्षेत्र के लिए 6800 रुपए प्रति हेक्टेयर अनुदान मिलेगा। ताकि किसान प्राकृतिक आपदा से हुए अपने नुकसान को कवर कर सकें।

  • कृषि विभाग के द्वारा सिंचित फसल क्षेत्र के लिए किसानों को 13,500 रुपए प्रति हेक्टेयर अनुदान देने का निर्णय किया गया है। ताकि किसान अपने हुए नुकसान को काफी हद तक कवर कर पाएं।

  • शाश्वत फसल गन्ना के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर 18 हजार रुपए अनुदान दिया जायेगा। यानि इस योजना के तहत आप अधिकतम 18 हजार रुपए की राशि प्राप्त कर सकते हैं।

  • परती भूमि के लिए 6800 रुपए प्रति हेक्टेयर।

योजना के उद्देश्य

  • बिहार के किसानों को आर्थिक सहायता मुहैया कराना।

  • किसानों के लागत में कमी करना।

  • किसानों के आय में वृद्धि करना।

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड

  • किसान पंजीकरण संख्या

  • भूमि विवरण एवं दस्तावेज

  • किसान पंजीकरण संख्या

  • मोबाइल नंबर

  • निवास प्रमाण पत्र

पात्रता शर्तें

  • बिहार का स्थाई निवासी होना चाहिए।

  • आवेदक एक भूमिधारी किसान होना चाहिए।

आवेदन प्रक्रिया

  • योजना में आवेदन के लिए सर्वप्रथम कृषि इनपुट योजना ऑफिशियल वेबसाइट https://dbtagriculture.bihar.gov.in/ पर जाएं।

  • कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत आवेदन करें।

  • आवेदन सबमिट करते हुए वेबसाइट पर मौजूद निर्देश का पालन करें। सभी आवश्यक दस्तावेज को साथ रखें।

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