प्याज की खेती : प्याज किसानों को सरकार से मिलेगी 44 हजार रुपये की मदद

प्याज की खेती : प्याज किसानों को सरकार से मिलेगी 44 हजार रुपये की मदद

Published Date - 14 Jan 2022

प्याज के बीज पर मिलेगी 50 प्रतिशत सब्सिडी, जमीन पर मिलेगा 40 हजार रुपए का अनुदान

किसानों को मालामाल करने वाली प्याज की खेती का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। साल 2020-21 में प्याज के ऊंचे भावों ने किसानों को मालामाल कर दिया। अब सरकार भी प्याज की खेती को प्रोत्साहित कर रही है। सरकार का मानना है कि अगर किसान परंपरागत खेती को छोडक़र अन्य फसलें करें तो ज्यादा लाभ में रहेंगे। हरियाणा सरकार प्याज की खेती करने वाले किसानों को दो योजनाओं के माध्यम से करीब 44 हजार  रुपए की मदद कर रही है। ट्रैक्टरफर्स्ट की इस पोस्ट में आपको इन दोनों योजनाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है। तो बने रहिए टै्रक्टरफर्स्ट के साथ।

जानें, किसानों को किन योजनाओं में मिलेगी 44 हजार रुपए की मदद

देश में प्याज की खेती रबी सीजन में ज्यादा होती है और प्याज का उत्पादन अधिक मात्रा में होता है। भंडारण क्षमता का अभाव होने के कारण किसान प्याज का स्टॉक नहीं कर पाते हैं और फसल को बाजार में बेच देते हैं। कई बार अधिक उत्पादन के कारण किसानों को फायदेमंद भाव नहीं मिल पाता है। इन परिस्थितियों को देखते हुए हरियाणा सरकार खरीफ सीजन में प्याज की खेती को प्रोत्साहित कर रही है क्योंकि खरीफ सीजन में प्याज का उचित दाम किसान को मिलता है। अब हरियाणा सरकार की ओर से खरीफ प्याज के बीज पर 4 हजार रुपए की सब्सिडी दी जा रही है। वहीं प्याज की फसल लगाने वाले किसानों को प्रति एकड़ के हिसाब से 8 हजार रुपए का अनुदान दिया जा रहा है। किसान अधिकतम 5 एकड़ भूमि पर अनुदान प्राप्त कर सकता है। इस प्रकार किसानों को दो योजनाओं के माध्यम से 44 हजार रुपए की सरकारी मदद प्राप्त कर सकता है। अब आपको दोनों योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। तो बने रहिए ट्रैक्टरफर्स्ट के साथ।

खरीफ प्याज के बीज की दो किस्मों पर 500 रुपए प्रतिकिलो की छूट

फिलहाल हरियाणा में खरीफ प्याज की फसल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों को खरीफ प्याज की खेती के लिए बीज की दो प्रमुख किस्मों की खरीद पर 50 प्रतिशत सब्सिडी या 500 रुपए प्रतिकिलो (दोनों में जो भी कम हो) की छूट दी जा रही है। किसान अधिकतम 8 किलो बीज ले सकता है। इस प्रकार किसान को बीज की खरीद पर ही 4 हजार रुपए की बचत होगी। किसान बीज बिक्री केंद्र करनाल, हिसार एवं नूंह (मेवात) से बीज खरीद सकता है। बीज बिक्री केंद्र पर एएफडीआर और भीमा सुपर किस्म बीज पर यह छूट दी जा रही है। इन दोनों किस्मो का भाव 1950 रुपए प्रति किलो है और सरकार की ओर से 500 रुपए की छूट देने के बाद यह किसान को 1450 रुपए किलो के भाव से मिलेगा। सरकारी योजना में बीज प्राप्त करने के लिए किसानों को फोटो, पहचान पत्र और मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल रजिस्ट्रेशन की कॉपी उपलब्ध करानी होगी। किसान योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए जिला बागवानी अधिकारी से भी संपर्क कर सकते हैं।

एकीकृत बागवानी मिशन में 40 हजार रुपए की सहायता

हरियाणा में प्याज की खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए 40 हजार रुपए की नकद सहायता सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाती है। एकीकृत बागवानी मिशन के खरीफ सीजन में प्याज की खेती के लिए 8 हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से सहायता राशि मिलती है। किसान अधिकतम 5 एकड़ भूमि के लिए 40 हजार रुपए की सहायता राशि प्राप्त कर सकता है। योजना की शर्तों को पूरा करने वाले किसानों के खाते में सीधे यह राशि जमा करा दी जाती है। अगर आप हरियाणा के किसान हैं और एकीकृत बागवानी मिशन के तहत खरीफ प्याज की खेती के लिए 40 हजार रुपए की अनुदान राशि प्राप्त करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको (https://hortnet.gov.in/)  पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद जिले के बागवानी अधिकारी कार्यालय में जाकर सभी संबंधित दस्तावेज जमा कराने होंगे। इन दस्तावेजों में राजस्व रिकॉर्ड सबसे मुख्य है। इसके अलावा आवेदक की फोटो, आधार कार्ड नंबर और बैंक पासबुक की कॉपी जमा करनी होगी।

हरियाणा में प्याज की उत्पादकता सबसे अधिक

देश में सबसे अधिक प्याज महाराष्ट्र, कनार्टक, मध्यप्रदेश, गुजरात, बिहार, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और तेलंगाना में होता है। महाराष्ट्र में सबसे अधिक 28.32 फीसदी प्याज का उत्पादन होता है। भारतीय प्याज की मांग दुनियाभर में बनी हुई है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार 2019-20 में देश के प्याज उत्पादन में हरियाणा का हिस्सा 1.66 फीसदी रहा। प्रति हेक्टेयर उत्पादकता 25 हजार 704 किलो रही, जो देश में सबसे अधिक है। हरियाणा में सबसे ज्यादा प्याज का मेवात जिले में होता है।

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