पोटैटो डिग्गर मशीन : इस कृषि उपकरण से आलू की खुदाई होगी आसान

पोटैटो डिग्गर मशीन  : इस कृषि उपकरण से आलू की खुदाई होगी आसान

आलू की खेती से कमाई बढ़ेगी, कम होगी लागत

आलू को सब्जियों का राजा कहा जाता है, क्योंकि सालभर इसकी मांग बनी रहती है। आलू का व्यापक तरीके से उपभोग होता है। जब आलू की अधिकता होती है, कीमतें कम होती है। भारतीय परिवार आलू के चिप्स, आलू के पराठे एवं अन्य खाद्य व्यंजन बनाते हैं। जिससे आलू की मांग बरकरार रहती है। किसानों के लिए आलू की खेती फायदे का सौदा बनता जा रहा है। अलग अलग जगहों पर कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था होने से आलू की खेती काफी बढ़ी है। किसान आलू उपजाकर तुरंत बेचने की जगह कोल्ड स्टोरेज में रखकर, मांग बढ़ने पर बेचना पसंद कर रहे हैं। इससे किसानों को काफी लाभ हुआ है। 

मशीन से खुदाई पर आलू नहीं कटेगा, नुकसान से बच सकते हैं किसान

आलू की खेती में किसानों को कई मौकों पर नुकसान भी झेलना पड़ जाता है। खुरपी से खुदाई कर आलू निकालने के क्रम में कई बार आलू कट जाते हैं। जो छटनी में निकल जाते लेकिन अगर कही गलती से भी कोल्ड स्टोर में कटा हुआ आलू चला जाता है तो किसान के बहुत आलू को खराब कर सकता है। इसलिए कई बार आलू की खेती में किसानो को नुकसान झेलना पड़ जाता है। लेकिन आज हम इस न्यूज में ऐसी पोटैटो डिगर मशीन या आलू खुदाई मशीन के बारे में बताएंगे जो किसानों के लिए काफी ज्यादा अच्छा है। पहली बात तो इससे मजदूरों पर निर्भरता तो कम होगी ही साथ-साथ कटा हुआ आलू बिल्कुल भी नहीं निकलेगा जिससे किसानों को काफी ज्यादा फायदा हो सकता है। कुछ कटे हुए आलू की वजह किसानों का कई किलो आलू बर्बाद हो जाता है जो चिंता जनक है। तो आइए जानते हैं इस मशीन के बारे में पूरी जानकारी।

क्यों लांच किया गया पोटैटो डिग्गर मशीन?

किसान भाई आमजन के थाली तक आलू के स्वादिष्ट पकवान पहुंचाने के लिए मेहनत से आलू की खेती करते हैं। कटे आलू निकलने की वजह से आलू की खेती से कमाई तो प्रभावित होती ही है। साथ ही आलू की खेती में समय से खाद पानी डालने में जो मेहनत और लागत आती है उस पर भी असर पड़ता है। आलू की फसल तैयार करते वक्त जो खुदाई होती है 4 से 5% आलू कटे हुए निकल जाते हैं जिसकी कीमत भी काफी कम मिलती है। इसके अतिरिक्त यह आलू, अच्छे आलू के मुकाबले जल्दी सड़ता गलता भी है। किसान के पारंपरिक तरीके से आलू निकालने पर समय भी ज्यादा लगता है और मजदूर का खर्च भी अतिरिक्त लगता है। जिसे देखते हुए पोटैटो डिग्गर मशीन  अथवा आलू खुदाई मशीन लांच हुई है। इस मशीन से बड़ी ही आसानी से किसान खेतों की खुदाई कर अच्छे आलू एक बार में प्राप्त कर सकते हैं। कई गुना तेजी से काम हो जाता है। इस प्रकार किसानों के खुदाई के कार्य को काफी आसान बना देता है। 

क्या है पोटैटो डिग्गर मशीन ?

आलू की खेती करने वाले किसानों के लिए ये महत्वपूर्ण उपकरण है। इसके माध्यम से आलू को बड़ी ही आसानी से कम समय में बाहर किया जा सकता है। समय की अच्छी खासी बचत के अतिरिक्त बिना कोई कट लगे ये आलू को बाहर करता है। एक सटीक गहराई सेट करते हुए इस यंत्र को ट्रैक्टर के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है। इस यंत्र में पोटैटो डिग्गर ब्लेड , चैन कन्वेयर बेल्ट, गियर बॉक्स आदि मौजूद होते हैं जो इसके प्रयोग को बेहतर बना पाते हैं। आइए इस मशीन की विशेषताओं को भी जान लेते हैं।

पोटैटो डिग्गर की खासियत या विशेषता और लाभ

  • यह जमीन से आसानी से आलू को बाहर तो करता ही है, साथ में लगी मिट्टी को भी झाड़ देता है और इस प्रकार बेहतरीन गुणवत्ता के आलू बाहर निकल आते हैं।

  • जालीदार प्लेटफार्म लगे होने की वजह से आलू जाल के घेरे से बाहर आते हैं।

  • समय पर आलू की खुदाई संभव हो पाती है, जिससे किसानों को सहूलियत होती है।

आलू की खेती कैसे करें? 

आलू की खेती करने की विधि की बात करें तो हम संक्षिप्त में आपको बता दें इसकी खेती रबी मौसम यानी शरद ऋतु में की जाती है। आलू की खेती की विस्तृत जानकारी ट्रैक्टरफर्स्ट या ट्रैक्टर जंक्शन पर उपलब्ध है। उसे जरूर पढ़ें। अगर सही तरीके से खेती किया जाए आलू की खेती से कमाई काफी होती है।

पोटैटो डिग्गर मशीन प्राइस इन इंडिया : जानें क्या है इस मशीन की कीमत

40 हजार रुपए की कीमत से इस मशीन की शुरुआत होती है। अलग अलग पोटैटो डिग्गर मशीन की अलग अलग गुणवत्ता होती है। इसलिए इसकी कीमतें भी अधिक कम मिलेंगी। अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक की कीमत में ये मशीन आ जाती है। आप अपने क्षेत्र के निजी कंपनियों से संपर्क करते हुए इस मशीन को खरीद सकते हैं। इंडिया मार्ट पर इस मशीन के ढेर सारे सप्लायर मौजूद हैं।

क्या कहते हैं वैज्ञानिक?

आलू की खेती करने वाले किसानों के लिए ये मशीन काफी बेहतरीन है। केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान जालंधर के कृषि वैज्ञानिक कहते हैं - किसानों के लिए आवश्यक है कि आलू की बुआई से लेकर, खुदाई, निराई आदि सभी कार्यों के लिए कृषि यंत्रों को भरपूर उपयोग करें। इससे लागत कम होती रहेगी और मुनाफा बढ़ता रहेगा। इस प्रकार भारत के किसान भी अंतरराष्ट्रीय किसानों के बीच अपनी स्थिति मजबूत कर पाएंगे। इस खेती में कई अन्य कृषि यंत्रों जैसे पावर टिलर, रोटावेटर, हैरो, ट्रैक्टर, पोटैटो डिग्गर मशीन आदि का उपयोग किया जा सकता है।

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